सड़क अटकी, गुस्सा भड़का! तीन गांव के ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

3 दिन में काम शुरू नहीं हुआ तो होगा प्रदर्शन, PWD कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
कवर्धा। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के बंशापुर, प्राणखैरा और धौराबंद के ग्रामीणों ने लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) का रुख किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण विभागीय कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारी से चर्चा की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से वे नाराज होकर लौटे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण का टेंडर राजनीतिक दबाव के चलते निरस्त कर दिया गया, जिससे काम पूरी तरह ठप हो गया है। उनका कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के विकास और आवागमन के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन राजनीति के कारण जनता को परेशान होना पड़ रहा है।
‘गोलमोल जवाब मिला, स्पष्ट आश्वासन नहीं’
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारी से चर्चा के दौरान उन्हें स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई गई। “सिर्फ प्रक्रिया चल रही है” जैसे जवाब दिए गए, जिससे असंतोष और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
पूर्व सरकार में मिली थी स्वीकृति
ग्रामवासियों का कहना है कि सड़क को पूर्व सरकार में स्वीकृति मिली थी और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। लेकिन वर्तमान में टेंडर निरस्त कर दिए जाने से विकास कार्य अधर में लटक गया है। उनका आरोप है कि राजनीतिक कारणों से आम जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित किया जा रहा है।
मीडिया के सामने चुप्पी
इस मामले में जब लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
अब देखना होगा कि प्रशासन तीन दिन की चेतावनी के भीतर कोई ठोस निर्णय लेता है या मामला आंदोलन की ओर बढ़ता है। फिलहाल ग्रामीणों में नाराजगी साफ नजर आ रही है।



