गांवों में शराब का धंधा खुल्लम-खुल्ला! क्या आबकारी के बस से बाहर हुआ नियंत्रण?

कवर्धा। कबीरधाम जिले में अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि जिले के कई गांवों में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है। आरोप है कि विभाग की सुस्ती के कारण कई बार पुलिस को ही छापामार कार्रवाई करनी पड़ रही है।
जिले के बोड़ला, सहसपुर लोहारा और पंडरिया क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलने की बात सामने आ रही है। वहीं कवर्धा शहर के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी महुआ शराब की बिक्री खुलेआम होने की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जानकारी आबकारी विभाग को होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों के अनुसार अवैध शराब की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों का माहौल लगातार खराब हो रहा है। कई जगह युवाओं में नशे की लत बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इसके बावजूद विभाग की सक्रियता नजर नहीं आ रही।
इधर होली के दिन भी कई शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर शराब बेचे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि त्योहार के मौके पर शराब की कीमतें मनमाने तरीके से बढ़ा दी गईं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं जब इस पूरे मामले को लेकर आबकारी विभाग के अधिकारियों से सवाल किया गया तो एक अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि जिले में महुआ शराब की अवैध बिक्री बढ़ी है। अधिकारियों का यह बयान खुद यह संकेत देता है कि अवैध शराब के कारोबार पर विभाग का नियंत्रण कमजोर पड़ता दिख रहा है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अवैध शराब की बिक्री की जानकारी खुद विभाग को है, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। फिलहाल जिले में यह चर्चा तेज है कि अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी कहीं न कहीं पुलिस पर ही आ गई है, जबकि यह जिम्मेदारी मुख्य रूप से आबकारी विभाग की है।



