कवर्धा को मिली बड़ी सौगात : प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ आज

कवर्धा। जिले को आज एक और ऐतिहासिक तोहफा मिलने जा रहा है। 6 सितंबर को यहां प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की शुरुआत होगी। इसके शुरू होने से अब कबीरधाम ही नहीं बल्कि बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मुंगेली जिले भी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे करेंगे, जबकि पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
प्रयोगशाला के शुरू होने के बाद हत्या, डकैती, बलात्कार, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और नशे की तस्करी जैसे मामलों की जांच अब और तेज और सटीक होगी। घटनास्थलों से जुटाए गए डीएनए, रक्त, फिंगरप्रिंट, बाल, रेशे, हथियार और नशीले पदार्थों जैसे साक्ष्यों का परीक्षण यहीं होगा।
तेजी से मिलेगी वैज्ञानिक रिपोर्ट
अभी तक पुलिस विवेचकों को वैज्ञानिक रिपोर्ट आने में लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब यह देरी खत्म होगी और समय पर रिपोर्ट मिलने से न्यायालयों में दोषसिद्धि दर बढ़ेगी। अपराधियों को सजा जल्दी दिलाना संभव होगा और समाज में अपराध को लेकर भय भी बढ़ेगा।
न्याय प्रणाली को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाएं केवल अपराधों की जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरी न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रदेश के जिन जिलों में पहले से ऐसी प्रयोगशालाएं हैं, वहां जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है।
कबीरधाम के लिए फायदे
- छोटे जिलों के मामले भी अब महानगर जैसी वैज्ञानिक सुविधा से जांचे जाएंगे।
- समय और संसाधनों की बचत होगी।
- कोर्ट में त्वरित न्याय की राह आसान होगी।
कबीरधाम में प्रयोगशाला शुरू होने से पुलिस और जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकी सहयोग मिलेगा और अपराध जांच प्रक्रिया और मजबूत होगी।



