कैशलेस चिकित्सा सुविधा स्वागतयोग्य, पर DA और आठवें वेतनमान पर चुप्पी से निराशा : शिवेंद्र चंद्रवंशी

कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तुत बजट पर शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र चंद्रवंशी ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और नए उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन महंगाई भत्ता, आठवें वेतनमान और शिक्षकों की पुरानी पेंशन को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बनने पर निराशा जताई।
शिवेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा सकारात्मक कदम है। इसके लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस सुविधा की वास्तविक प्रभावशीलता नियम और शर्तें सार्वजनिक होने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि जब तक इसकी प्रक्रिया और दायरा स्पष्ट नहीं होता, तब तक पूर्ण प्रतिक्रिया देना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि शिक्षक एलबी संवर्ग की पूर्व सेवा की गणना नहीं होने से पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे शिक्षकों में असंतोष है। इस संबंध में बजट में कोई स्पष्ट नीति या समाधान सामने नहीं आने से निराशा हुई है।
नए स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय खोलने की घोषणा का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि अन्य शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ संसाधनों और सुविधाओं के मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए। पूर्व में आत्मानंद स्कूल खोले जाने के बाद अन्य सरकारी विद्यालयों के छात्र उपेक्षित महसूस कर रहे थे, ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन निर्माण के निर्णय को उन्होंने सराहनीय बताया, लेकिन यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बजट पूर्व की तरह भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े।
उन्होंने कहा कि प्रदेश कर्मचारियों को उम्मीद थी कि केंद्र के समान दर और समान तिथि से महंगाई भत्ते की स्वीकृति व भुगतान की स्पष्ट नीति घोषित की जाएगी, लेकिन बजट में इस पर कोई घोषणा नहीं हुई। इसी तरह आठवें वेतनमान को लेकर भी ठोस प्रक्रिया या समयसीमा की घोषणा की अपेक्षा थी, जो पूरी नहीं हुई।
शिवेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों की लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेकर ही सरकार विश्वास कायम कर सकती है।



