एक ही चांदी… दो रिपोर्ट, 10% का अंतर! कम टंच बताकर सस्ते में खरीदने का आरोप कवर्धा। शहर के सराफा बाजार में टंच के नाम पर ग्राहकों को चूना लगाने का बड़ा खेल सामने आया है। सोना-चांदी की शुद्धता जांच के बहाने मनमाना प्रतिशत बताकर कम कीमत देना और बिना किसी लिखित प्रमाण के सौदा करने का दबाव बनाया जा रहा है। मामले की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक ग्राहक अपनी पुरानी चांदी बेचने यश ज्वेलर्स पहुंचा, जहां से सामान टंच जांच के लिए गणेश बुलियन रिफाइनरी भेजा गया। जांच रिपोर्ट में शुद्धता सिर्फ 52.70 प्रतिशत बताई गई। ग्राहक को शक हुआ तो उसने लिखित सर्टिफिकेट मांगा, लेकिन देने से साफ इनकार कर दिया गया। संदेह बढ़ने पर ग्राहक ने उसी सामग्री की दूसरी जगह दोबारा जांच कराई। यहां टंच 62 प्रतिशत निकला। यानी एक ही चांदी में करीब 10 प्रतिशत का भारी अंतर सामने आया। इतनी बड़ी कटौती से ग्राहक को हजारों रुपये का नुकसान हो सकता था। इस अंतर ने पूरे खेल की पोल खोल दी। आरोप है कि यश ज्वेलर्स और गणेश रिफाइनरी आपस में मिलीभगत कर कम टंच दिखाते हैं, ताकि ग्राहकों से सस्ते दाम पर माल खरीदा जा सके। बिना प्रमाणित रिपोर्ट दिए सौदा करने की कोशिश भी इसी साजिश का हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इस खेल में टंच मशीनों से मनमानी रीडिंग बताना, जांच का कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं देना, और ग्राहकों को तकनीकी जानकारी से अनजान रखकर कम कीमत थमाना आम तरीका बन चुका है। अब शहर के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि टंच मशीनों की नियमित जांच हो, हर टेस्ट का लिखित सर्टिफिकेट अनिवार्य किया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राहकों की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सराफा बाजार में टंच के नाम पर चल रहा यह खेल और बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।