नान घोटाले में बड़ा धमाका : पूर्व मुख्य सचिव आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ईडी के शिकंजे में

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में बड़ा झटका सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने दोनों को 16 अक्टूबर 2025 तक ईडी की कस्टडी में रखने का आदेश सुनाया है।
सुप्रीम कोर्ट से मिली सख्त फटकार
दोनों अफसरों को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा— “आरोप गंभीर हैं और आरोपियों ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है।” अदालत ने आदेश दिया कि पहले दो हफ्ते ईडी की रिमांड और उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत रहेगी, तभी जमानत पर विचार होगा।
रायपुर कोर्ट में दिनभर डेरा
गुरुवार सुबह से ही ईडी की टीम रायपुर कोर्ट में मौजूद रही। गिरफ्तारी की औपचारिकताओं के बाद अब दोनों अफसरों को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय ले जाने की तैयारी की जा रही है।
तालपुरी स्थित घर पर हुई थी रेड
सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के अगले ही दिन, 18 सितंबर को ईडी ने डॉ. आलोक शुक्ला के भिलाई के तालपुरी स्थित घर पर छापा मारा था। उसी दिन वे कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे, लेकिन आदेश अपलोड न होने से सरेंडर नहीं हो सका था। सुनवाई 22 सितंबर तक टल गई थी, जो अब गिरफ्तारी के साथ खत्म हो गई।
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े घोटालों में से एक माने जाने वाले इस मामले में वरिष्ठ अफसरों की गिरफ्तारी को ईडी की बड़ी और निर्णायक कार्रवाई माना जा रहा है।



