कवर्धा विशेषछत्तीसगढ़ प्रादेशिक

राज्य शासन की राजस्व से जुडे़ सर्व प्राथमिकता वाली योजना है, इस कार्य में कोताही नहीं होगी बर्दास्त

कवर्धा। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज आदिवासी-बैगा बाहूल्य बोड़ला विकासखण्ड के अनुविभागीय कार्यालय राजस्व तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम कार्यायल तथा एसडीएम न्यायालय का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों की संयुक्त बैठक ली। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े स्वामित्व योजना और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि स्वामित्व योजना और डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण का कार्य पायलेट प्रोजेक्ट के तहत कबीरधाम जिले का चयन किया गया है। इन कार्योमें प्रगति लाने के निर्देश दिए है।

कलेक्टर श्री वर्मा ने एग्रीस्टेक एप्प के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण के सर्वेक्षण के लिए 354 प्राइवेट सर्वेक्षणकर्ता, 33 सुपवाईजर (पटवारी), 03 वेरिफायर (राजस्व निरीक्षक) के कार्यों का समीक्षा की। यहां बताया गया कि एग्रीस्टेक परियोजना अंतर्गत बोड़ला तहसील में आज तक कुल 26028 खसरा नंबरों में सर्वेक्षण हुआ है। कलेक्टर ने सर्वेक्षण कार्य में संतोषजनक व्यक्त करते हुए डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 30 सितंबर 2024 तक पूर्ण के निर्देश दिए।
इसी प्रकार पटवारियों को शत्-प्रतिशत नक्शा बटांकन करने के लिए निर्देशित किया। वर्तमान में बोड़ला तहसील में नक्शा बटांकन 56.97 प्रतिशत है।

कलेक्टर श्री वर्मा ने स्वामित्व योजनांतर्गत प्रगति की समीक्षा की। यहां बताया गया कि बोड़ला तहसील के अंतर्गत कुल 164 ग्रामों में प्रारंभिक प्रकाशन हो चुका है। कलेक्टर ने 02 अक्टूबर 2024 तक ग्राम सभा से अनुमोदन कराने के बाद अंतिम प्रकाशन के लिए जिला सर्वेक्षण अधिकारी कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण भेजने के निर्देश दिए।

बोड़ला एसडीएम कार्यालय और न्यायालय का निरीक्षण किया

कलेक्टर ने बैठक से पहले एसडीएम कार्यालय तथा न्यायालय का निरीक्षण कर लंबित तथा पंजीबद्ध प्रकरणों की जानकारी ली। कलेक्टर ने त्रुटि सुधार के प्रकरणों को शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के भू-अर्जन प्रकरणों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के सात भू-अर्जन प्रकरणों में प्रतिवेदन भेजने के लिए लंबित होना पाया गया, जिसमें नियमानुसार प्रतिवेदन तैयार कर सात दिनों के भीतर भू-अर्जन शाखा को भेजने का निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर बीआर देवांगन, बोडला एसडीएम श्रीमती गीता रायस्त, तहसीलदार सुश्री राजश्री पांडेय उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Discover more from THE PUBLIC NEWS

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading